Social Engineering

This One Mistake Can Get Your WhatsApp Hacked | Amit Dubey | Raj Shamani Clips

Raj Shamani Clips

Summary

इस वीडियो में Amit Dubey ने बताया है कि कैसे WhatsApp हैक होने का जोखिम बढ़ता है, जब users टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का उपयोग नहीं करते। उन्होंने उदाहरण दिया कि दिवाली के समय गुड़गांव में कई डॉक्टर्स का WhatsApp हैक हुआ था, क्योंकि उन्होंने सुरक्षा सेटिंग्स को अनदेखा किया। 2FA ऐप को और सुरक्षित बनाता है, इसलिए यह आवश्यक है कि सभी उपयोगकर्ता इसे सक्षम करें। वीडियो में यह भी बताया गया कि हैकर्स कैसे ओटीपी (OTP) चुरा सकते हैं और मैनिपुलेट कर सकते हैं, जिसके द्वारा वे किसी के WhatsApp और बैंक खातों तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए उपयोगकर्ताओं को अपनी संख्या की सुरक्षा के अलावा, ई-सिम का उपयोग करने की भी सिफारिश की गई है, जिससे सिम स्वैपिंग के खतरे को कम किया जा सके। वीडियो का मुख्य उद्देश्य विवरण और सावधानी बरतने के लिए जागरूकता बढ़ाना है, जिससे कोई भी साइबर क्राइम का शिकार न हो।

Transcript
आपका WhatsApp यूज करते हैं आप? हम टू फैक्टर ऑथेंटिकेटेड है। हम है या नहीं है? हां हां है। पक्का हां हां तो मैं बताता हूं कि कई लोगों 99% लोगों का नहीं होगा। WhatsApp टू फैक्ट ऑथेंटिकेशन। तो पिछली दिवाली के पहले गुड़गांव के अंदर करीब 40-50 डॉक्टर्स का WhatsApp हैक हुआ। और जो ट्रिक थी ओटीपी उड़ाने की वो एक बता रहा हूं मैं क्या क्योंकि टू फैक्टर ऑथेंटिकेटेड नहीं होता तो बड़े आराम से WhatsApp हैक हो जाता। तो जिन लोगों का भी WhatsApp टू फैक्टर ऑथेंटिकेटेड नहीं है वो ये मान के चलें कि वो हैकड है क्योंकि कभी भी ओटीपी उठ जाएगा और निकल जाएगा WhatsApp और जब WhatsApp हैक होता है ना तो लोग घबरा जाते हैं। मुझे फोन आते हैं बड़े-बड़े लोगों के। सर WhatsApp गया। मुझे एक एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के आए स्टेट से रात के 11:00 बजे। सर मेरा WhatsApp चला गया है और प्लीज मैं तो अब होता क्या है यदि आपका WhatsApp हैक हो जाए तो 7 दिन लगते हैं रिकवरी में। हम्म। क्योंकि सामने वाला उसप टू फैक्टर डाल देता है हम। और उसको रिसेट होने में WhatsApp की पॉलिसी है कि दे टेक से डेज। तो मैंने कहा सर ये तो सात दिन अरे नहीं नहीं यार उसमें तो सीएम साहब की स्पीचेस हैं। हम्म। मैंने कहा सर सीएम साहब की स्पीचेस नहीं है। कुछ और है लेकिन लेकिन तो फिर हमने वो नोडल को फोन किया, प्रोसेस किया। एकद घंटे में रिकवर कराया। लेकिन किसी के संग भी होता है तो प्रेशर उतना नहीं होता। कि यार ये कैसे? हां गया तो गया। बहुत सारी चीजें चली गई। तो इसलिए टू फैक्टर कर लें और वो करना बड़ा आसान है। सेटिंग्स में जाएं उसमें एक ऑप्शन आएगा अकाउंट्स करके। अकाउंट्स को क्लिक करेंगे तो तीसरा या चौथा ऑप्शन है टू स्टेप वेरिफिकेशन। क्लिक ऑन इट। इट विल आस्क यू सिक्स डिजिट कोड। वो जो छह डिजिट का कोड है वो आपका डेट ऑफ़ बर्थ नहीं होना चाहिए। वो कुछ और होना चाहिए। लोग नॉर्मली डिफॉल्ट छह डिजिट का कोड डेट ऑफ़ बर्थ डाल देते हैं। क्योंकि वो तो मुझे पता है आपका। हम्म। जब तक वो छह डिजिट का कोड किसी को नहीं शेयर किया। आपके WhatsApp में कोई घुस नहीं सकता। हम इट सेफ। भले ही ओटीपी चला जाए, भले ही फोन चला जाए, भले ही कुछ हो जाए। तो इतना सा सेटिंग कर लें। अब यह हैक हुआ कैसे? डॉक्टर्स को कॉल आया कि हम दिवाली का गिफ्ट भेजना चाह रहे हैं। और तो बोले हां भेज दीजिए। उनको आते रहते हैं। बोले नहीं नहीं इस बार हम कुछ ज्वेलरी भेज रहे हैं और उसमें टैक्सेशन का इशू है तो परमिशन चाहिए आपकी। इज इट ओके? हां हां भेज दीजिए। ऐसा ऐसे थोड़ी ना परमिशन दी जाएगी। तो ऐसे तो कोई भी किसी की परमिशन रिकॉर्ड कर लेगा। तो सर्वर से एक मैसेज आएगा। उसमें एक कोड होगा उसको डायल कर दीजिएगा तो सर्वर परमिशन रिकॉर्ड हो जाएगी। बोले ठीक है सर्वर से एक कोड आया उसमें कोड लिखा था स्टार 62 स्टार मोबाइल नंबर#श या स्टार 401 स्टार मोबाइल नंबर हैश या स्टार 21 स्टार मोबाइल नंबर है तीन कोड होते हैं Airtel Vodafone और Reliance के लिए बता रहा हूं मैं उन्होंने वो डायल कर दिया जैसे ही वो डायल करोगे तो आपकी कॉल कंडीशनली क्रिमिनल को फॉरवर्ड हो जाएगी मतलब आपको जितनी कॉल आ रही है वो चली जाएंगी क्रिमिनल के पास तो ओटीपी भी जाएगा अब वो या तो आपको बिजी कर देगा या जब आप बिजी होगे सो रहे हो या ओटी में हो या ऑफिस में हो पडकास्ट रिकॉर्ड कर रहे हो उस समय ओटीपी मंगाएगा और वो सारे जाएंगे तो कुछ भी WhatsApp हैक करेगा उसका बैंक भी हैक कर सकता है वो तो एक बार ओटीपी का कंट्रोल आ गया तो फॉरगेट पासवर्ड करके वो कुछ भी कर लेगा तीसरा तरीका ईम हम यूज़ करते हैं आप नहीं पकड़े गए यही यहीं से हैक होगा क्यों कैसे मैं आपका ईसम क्रिएट करा सकता हूं हम्। आपसे एक छोटी सी गलती होगी और वह ईसीएम क्रिएट हो जाएगा। यदि मेरे पास आपका ईसीएम आ गया तो भी ओटीपी तो मुझे आना ना। तो ईसीएम क्रिएट कैसे होता है? ईसीएम करना चाहिए यूज़ कि नहीं करना चाहिए? करना चाहिए। हम उससे सिम स्वाइपिंग के चांसेस खत्म हो जाते हैं। हम जैसे सिम स्वाइपिंग कैसे होती है? मेरे पास जैसे केसेस आए कि आप किसी ने चार्जिंग पे फोन लगा दिया और 2 मिनट के लिए इधर-उधर हो गया और किसी ने सिम स्वाइप कर दिया। हम अब वो सिम स्वाइप जो करेगा ना दूसरा सिम जो डालेगा उसमें भी इंटरनेट एक्सेस होगा। हम नंबर दूसरा है इंटरनेट एक्सेस होगा। तो आपको 10-15 दिन तक पता ही नहीं पड़ता कि आपका सिम स्वाइप हो गया है। बिकॉज़ आपका WhatsApp चल रहा है। आपका सब कुछ चल रहा है। सोशल मीडिया चल रहा है। फोन कैसे कर दिया? और आपको जो कॉल आते हैं वो यदि आप नॉर्मल कॉल नहीं उठा रहे हो तो आपको WhatsApp पे कॉल कर देता है आदमी। आप किसी को कॉल कर रहे हो उसने नहीं उठाया तो आप भी WhatsApp पे कॉल कर देते हो। सो, प्रैक्टिकली यू डोंट रियलाइज़ फॉर अ वेरी लॉन्ग पीरियड दैट आपका सिम चला गया। और आपको अलर्ट भी नहीं आते ट्रांजैक्शन के, तो आपका पैसा भी निकल रहा होता है। ये थोड़ा डिफिकल्ट है। मतलब फिर तो पता चल जाएगा लोगों को। कैसे मैं फ़ोन करूंगा जैसे आपको फोन किया तो आप अननोन नंबर देख के या तो उठाओगे नहीं उठाओगे तो बोलेगा आज तू इससे क्यों फ़ोन कर रहा है। नहीं बताते लोग। आपकी लाइफ में शायद लोग इतना कॉन्शियस हो। मेरे पास प्रैक्टिकल केसेस आए। लोग 10 दिन बाद आएगी सर मुझे पता ही नहीं था कि मेरा सिमर हम क्योंकि सब कुछ नॉर्मल चल रहे थे अनकॉन्शियसली ये है कि आइदर द पर्सन इज़ वै क्लोज टू यू तो शायद बता देगा इफ योर बिनेस मैं कर रहा हूं लोगों को कॉल कर रहा हूं तो आपके पास दो नंबर भी हो सकते हैं आ गया दूसरे नंबर से तो ऐसा थोड़ी ना बोलेगा कि इस नंबर से क्यों कॉल किया ऐसा कोई ऑब्जेक्ट करता नहीं है उसके बाद दूसरा तरीका कि आपका फोन यहां पड़ा हुआ है चार्जिंग पे लगा के गए हो आप और आपका ओटीपी आता है तो वो फ्लैश करता है स्क्रीन पर तो कोई देखकर WhatsApp कॉन्फ़िगर कर सकता है या जो भी मंगाना चाह रहा है तो उसमें एक ऑप्शन है कि आप सेटिंग्स में जाएं लॉक मोड में एसएमएस विजिबिलिटी डिसेबल कर दें हम कि वो एसएमएस फ्लैश ना हो। ओटीपी एसएमएस फ्लैश ना हो। ठीक है? आप जाएंगे सेटिंग कर देंगे। अब आप चार्जिंग पे लगा के चले गए या आप टेबल पर रख के वाशरूम में चले गए तो मैं ओटीपी कॉल पर मंगाऊंगा। क्योंकि लॉक मोड में मैं कॉल तो उठा ही सकता। कॉल तो उठा सकता हूं। वो भी सुन लूंगा। तो क्या करें? फोन छोड़ के ही नहीं जाना है। क्योंकि मैं कितनी सेटिंग बताऊंगा। आप जब मैं मेरा पर्पस सेटिंग्स करवाना नहीं है। मेरा पर्पस ये कॉन्शियसनेस बिल्ड कर देना आपके अंदर कि आपको पता होना चाहिए कि फोन आपका सिर्फ फोन रहा नहीं। हम और ये इसी गलती की वजह से होता है। मैं आपको गलतियां बताते जाऊंगा एंड देन यू रियलाइज़ यार ये तो कोई भी कर सकता है। तो अगर ई सिम हो तो फिर सिम सिम स्वैपिंग नहीं हो सकती। नहीं हो सकती। लेकिन ईम यदि आपका नहीं है तो कोई क्रिएट करा सकता है। तो हम ही खुद ही जाके क्रिएट कर लें पहले। तो ईम कैसे जनरेट होता है कि आपके नंबर से एक एसएमएस जाता है ऑपरेटर को। ईएमएम स्पेस ईमेल आईडी जैसे Airtel है तो वन टू वन को जाएगा ईम स्पेस ईमेल आईडी। फिर वहां से एक रिस्पांस आता है आपको कि वी हैव रिसीव्ड योर ईसीएम रिक्वेस्ट। ब्ल ब्ल ब्ल ब्ल ब्ल इफ इट इज़ अ जेन्युइन रिक्वेस्ट। तो आप वन रिप्लाई करते हैं। वन लिखकर उसको रिप्लाई करें। जब आप लिख के रिप्लाई करते हो तो जो आपने पहला मैसेज भेजा उसमें ई सिम स्पेस ईमेल आईडी उस ईमेल आईडी पर आपको एक क्यूआर कोड आ जाता है। उस क्यूआर कोड को आप iPhone से स्कैन करोगे तो आपके फोन में सिम आ जाता है। अब iPhone में एक ही सिम स्लॉट होता है तो उसमें आप दो सिम रख सकते हैं। फिर एक फिजिकल सिम भी रख सकते हैं। अब इसको क्रिमिनल कैसे मिसयूज़ करेगा? वो पहला जो एसएमएस है आपका वो खुद भेज देगा इस प्रूफ करके। आपके नंबर से एसएमएस तो भेजा जा सकता है। सर्वर से रिस्पांस आएगा। वो आप ही को आएगा। मैं आपके नंबर से एसएमएस भेज तो सकता हूं। रिसीव नहीं कर सकता। रिसीव तो आप ही करोगे। मैं आपके नंबर से कॉल कर तो सकता हूं। रिसीव आप ही रिसीव तो आप ही करोगे। बस यही सशन है यहां पर। तो जब आपको वो रिसीव मैसेज आएगा कि आपकी ईसीएम रिक्वेस्ट आई है और आपको पता नहीं है। ये उन लोगों के संग ज्यादा होता है जिनको आईडिया नहीं कि ईसीएम क्या होता है। तो उससे पहले वो आपको कॉल करेगा। कमिल कहेगा कि सर आपको तो पता है कि साइबर क्राइम काफी बढ़ गया है। आप कहोगे हां तो आपको तो पता ही होगा सर कि ट्राई की अभी नई रेगुलेशन आई है। हां आपको तो पता ही होगा सर आज सुबह की न्यूज़ है कि 7 साल से पुराने सारे सिम कार्ड बंद कर दिए जाएं जिनका केवाईसी नहीं है। तो सर आपको तो पता होगा कि आज तो डेडलाइन है सर। वो बार-बार बोलेगा आपको तो पता ही होगा। आपको तो पता ही होगा। पता क्यों? हमारे दिमाग की एक कमजोरी है। यदि कोई आपको बोलता है ना कि आपको तो पता है। तो आप उसको काउंटर नहीं करते। नहीं नहीं मुझे नहीं पता। जितने गवर्नमेंट ऑफिसर्स है ना ब्यूरोक्रेट्स जब उनके यहां कोई माल बेचने जाता है ना ऐसे उसको सर आपको तो सब पता है आपको क्या सिखाना है सर आप तो चुपचाप उनको कुछ नहीं पता होता लेकिन दे दे नेवर डिनाई तो उस चक्कर में आप उसको काउंटर नहीं करते हो कहता है सर तो आप आप थोड़ा पैनिकिक हो जाते हो अरे ऐसे कैसे केवाईसी मतलब अभी कैसे करा दूं मैं अरे कुछ नहीं करना है सर आपको तो पता है सिंपल है आजकल तो सब ऑटोमेटिक हो जाता है सर्वर से एक मैसेज आएगा उस वन लिख के भेज देना हो गया केवाईसी सर हमें ये तो पता है ना कि आप एक्टिव हो कि नहीं? हां ये सिंपल है। तो मैसेज आया उस पे सिम ई सिम कुछ लिखा हुआ है। आपको लग रहा है सिम से ही लेना देना है कुछ। आप ज्यादा डिटेल में पढ़ोगे नहीं। वन लिख के भेज दोगे। खत्म। वहां आ गया। खेल खत्म हो गया। थैंक यू सो मच ये क्लिप एंड तक देखने के लिए। अगर आपको और भी ऐसी क्लिप्स देखनी है तो राजमानी इक्लिप्स चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए।