Social EngineeringDeepfake Kya Hai? AI Se Ho Rahe Cyber Crime Ka Sach | Deepfake Scam Explained | Tech Lawyer
Summary
इस वीडियो में डीपफेक तकनीक के उपयोग और इससे होने वाले साइबर अपराधों पर चर्चा की गई है। डीपफेक वह तकनीक है, जिसमें किसी व्यक्ति के चेहरे, आवाज, और अभिव्यक्तियों को एआई के माध्यम से क्लोन किया जाता है। इसका उपयोग वित्तीय धोखाधड़ी, प्रतिष्ठा को क्षति पहुँचाने, और राजनीतिक प्रचार के लिए किया जा रहा है। उदाहरण के लिए, धोखेबाज किसी के करीबी रिश्तेदार या बॉस की आवाज़ क्लोन करके पैसे मांग सकते हैं। इसके अलावा, डीपफेक का उपयोग करके गलत या अनैतिक वीडियो बनाए जा रहे हैं, जिससे ब्लैकमेलिंग और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। भारत में, ऐसे अपराधों पर काबू पाने के लिए भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है। सलाह दी गई है कि किसी भी अनजान कॉल या वीडियो पर तुरंत विश्वास न करें, और यदि आप डीपफेक का शिकार बनें, तो तुरंत साइबर सेल में शिकायत करें।
Transcript
तो सर मेरा एक मेरा एक फेमिल फ्रेंड है। उसका किसी ने चेहरा यूज़ करके कोई ऑफ सीन मतलब नेकेड वीडियो बना दिया। तो अभी उसको अभी कैसे उसको क्या करें? जो सबसे नेट से इंटरनेट से हट जाए और शायद पुलिस कंप्लेंट भी हो जाए तो बोला अच्छी बात है सर। अभी क्या करना चाहिए सर? अच्छा आपको यहां पे मैं कुछ चीजें बताना चाहता हूं। एक्चुअली जो आप बता रहे हैं ये डीफक का यूज करके आजकल लोग एआई टेक्नोलॉजी का यूज करते हुए और जो काफी डेंजरस भी है। सो डीफक का होता क्या है एक्चुअली में डीफेक में किसी एक इंसान की जो है फेस की वीडियो फेक वीडियो फोटो या वॉइस एआई से क्लोन कर ली जाती है। यानी किसी का चेहरा आवाज एक्सप्रेशन कॉपी करके वीडियो बनाया जाता है। जिसमें जो आदमी आपको दिख रहा है एक्चुअल में वो है नहीं और उसकी जगह फेक वीडियो बनाया। तो सिंपल लैंग्वेज में समझे तो एआई किसी पर्सन की फोटो और वीडियोस को एग्जैक्ट डुप्लीकेट क्रिएट कर देता है जो कि एग्जैक्टली मतलब रियल वीडियो नहीं है। सो अब सवाल ये उठता है कि लोग डीफक जो है इससे कैसे बच सकते हैं और कैसे ये ऑफेंस होता है? तो सबसे पहले जो डिफेक्ट में ऑफेंस हो रहे हैं वो फाइनेंशियल फ्रॉड के ऑफेंस हो रहे हैं। ठीक है? सो आजकल स्कैमर एi का यूज करके रिलेटिव या बॉस की वॉइस क्लोन करके आपको कॉल करेंगे और बोलेंगे जैसे बेटा मुझे अर्जेंट पैसे चाहिए जल्दी और भैया बॉस बोल रहा है इमीडिएटली ट्रांसफर करो एंड यू थिंक लाइक योर बॉस इससे टेलिंग यू समथिंग तो वो आप कर देते हैं तो दूसरा जो मेजर जो डीप फेक का यूज हो रहा है वो है ऑब्शंस वीडियो बनाना तो किसी लड़की या किसी पर्सन का फेस एडिट करके ऑब्जेक्शनेबल वीडियो बना दिया और फिर ब्लैकमेल या फिर उसका हरेसमेंट कर रहे हैं। यह सीरियस साइबर क्राइम है। तीसरा जो मिसयूज़ है पॉलिटिकल प्रोपोगेंडा लाइक इलेक्शन के टाइम पे फेक स्पीचेस एडिट करके वायरल कर दी जाती है। पब्लिक को मिसलीड किया जा सके। चौथा जो है आपका आइडेंटिकल थफ्ट। आपने ये वर्ड सुना होगा कि आपकी आइडेंटिटी चुरा ली जाती है। तो डी फैक्ट टेक्नोलॉजी का यूज़ करते हुए केवाईसी इंटरव्यूज और ऑनलाइन फ्रॉड भी हो रहे हैं। अब इंडिया में इसके लॉ का क्या कहता है? इंडिया में भी स्पेसिफिकली डीप लाइक डीप फेलो नहीं है लेकिन ऐसे ऑफेंस को पनिशेबल किया जा सकता है अंडर बीएएनएसएस लाइक बीएएनएस भारतीय न्याय संहिता और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 200 अगर किसी की फेक वीडियो बनाई जाती है ब्लैकमेल किया जाता है या चीटिंग होती है तो अक्यूस के अगेंस्ट क्रिमिनल केस रजिस्टर हो सकता है। तो बचने का तरीका क्या है? किसी भी वायरल वीडियो पर तुरंत बिलीव मत करो। ऑफिशियल सोर्स से वेरीफाई करो। अननोन कॉल पर पैसा ट्रांसफर मत करो। और अगर डी फेक का विक्टिम बनते हैं तो इमीडिएटली साइबर सेल या साइबर क्राइम पोर्टल पर कंप्लेंट करो। वहां पे वो लोग आपको हेल्प करेंगे। टेक्नोलॉजी पावरफुल है लेकिन मिसयूज और क्राइम के लिए इसका यूज करना इललीगल है। सो अगर आप किसी इस तरह की प्रॉब्लम में फंसते हैं तो आप साइबर पोर्टल पे कंप्लेंट करें। पुलिस में कंप्लेंट करें और वो आपको एप्रोप्रियट रेमेडी बताएगी। सो अगर आपको यह वीडियो अच्छी लगी हो, यूज़फुल लगी हो तो प्लीज लाइक द चैनल एंड लाइक द वीडियो, सब्सक्राइब द चैनल। थैंक यू। थैंक यू सो मच सर।