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WhatsApp Scam 2025 ❌ ये इमेज डाउनलोड की और अकाउंट साफ | Cyber Fraud | Steganography

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Summary

अप्रैल 2025 में एक मध्य प्रदेश निवासी रमेश कुमार के साथ हुए एक WhatsApp स्कैम ने यह साबित कर दिया है कि एक साधारण फोटो डाउनलोड करना कितना खतरनाक हो सकता है। रमेश ने अनजान नंबर से आई एक गुमशुदा महिला की तस्वीर डाउनलोड की, जिसके बाद उनके खाते से ₹2 लाख की राशि चोरी हो गई। यह साइबर अपराध स्टेग्नोग्राफी तकनीक का उपयोग करके किया गया, जिसमें बिना ओटीपी या पासवर्ड के, केवल एक फोटो डाउनलोड करने से हैकर्स ने उनके बैंकिंग विवरण तक पहुँच प्राप्त कर ली। इसके बचाव के लिए अनजान नंबरों से आती फाइलों को डाउनलोड न करना, जानकारी के बिना फाइलें खोलना, और यदि संदेह हो तो तुरंत फोन का डेटा ऑफ करना आवश्यक है। अनुभव में, यदि किसी का फोन हैक हो जाता है तो उन्हें तुरंत साइबर क्राइम सेल में रिपोर्ट करनी चाहिए और अपने सभी पासवर्ड तत्काल बदलने चाहिए। एक मजबूत एंटीवायरस एप्लिकेशन भी उपयोग करना चाहिए।

Transcript
अप्रैल 2025 में मध्य प्रदेश के एक व्यक्ति के फोन पर WhatsApp पे एक फोटो आया और जैसे ही उसने उस फोटो को डाउनलोड किया उस पर क्लिक किया तो उसके अकाउंट से ₹2 लाख कट गए। इसी तरह से देश के अलग-अलग हिस्सों में केवल एक फोटो के जरिए साइबर अपराध किए जा रहे हैं और इससे बचने के लिए आपका यह जानना जरूरी है कि कैसे यह अपराध बिना ओटीपी, बिना पासवर्ड मांगे और बिना आपके फोन में कोई ऐप इंस्टॉल किए हो रहे हैं और यह कैसे संभव है और इससे कैसे बचा जाए। तो अगर आपके दिमाग में भी यह प्रश्न चल रहा है कि क्या कोई फोटो डाउनलोड करने भर से या किसी फोटो पर क्लिक करने भर से यह साइबर अपराध संभव है तो यह वीडियो आपके लिए है। तो इस वीडियो को पूरा देखिए क्योंकि इसमें हमने बताया है कि इस समय जो देश में यह साइबर क्राइम चल रहा है उससे आप कैसे बच सकते हैं। तो जो रमेश कुमार हैं वह 55 साल के हैं। यह रिटायर्ड कर्मचारी हैं और हर रोज यह WhatsApp पर अपने दोस्तों से और परिवार वालों से बातें करते हैं। साइबर सिक्योरिटी के बारे में इनको बहुत कम जानकारी है। अब 10 अप्रैल 2025 को इनके WhatsApp नंबर पर एक अनजान नंबर से मैसेज आता है जिसमें एक महिला की धुंधली तस्वीर दिखाई देती है। यह जो मैसेज था एक गुमशुदा महिला की जानकारी के बारे में था और इस मैसेज में नीचे लिखा था कि आप इस महिला को जानते हैं। ऐसे में कोई भी व्यक्ति मदद करने के लिए उस फोटो को डाउनलोड करता देखने के लिए कि महिला कौन है और रमेश कुमार जी ने भी ऐसा ही किया। अब जैसे ही उन्होंने इस तस्वीर को डाउनलोड किया, उसे खोल कर देखा तो खोलने के बाद उन्हें लगा कि वो उसको नहीं जानते हैं। उन्होंने मैसेज में टाइप कर दिया कि मैं इसे नहीं जानता हूं। उन्हें सब कुछ सामान्य लगा। जैसे आमतौर पर लगता है ग्रुप्स में फोटो आते हैं लेकिन फोटो डाउनलोड करने के कुछ घंटे बाद ही उनके खाते से पैसे कटने के मैसेज आते हैं। शुरू में छोटे-छोटे से ट्रांजैक्शन होते हैं और लास्ट में एक बड़ी धनराशि उनके अकाउंट से निकालनी जाती है। वह समझ नहीं पा रहे थे कि यह क्या हो गया है। मैंने तो किसी को ओटीपी भी नहीं दिया है। मैंने किसी को अपना बैंक आईडी का पासवर्ड भी शेयर नहीं किया है। ना ही किसी को एटीएम दिया है। तो फिर यह हो कैसे रहा है। वह घबराहट में अपने बैंक गए। वहां पर उन्होंने बताया कि मेरे खाते से अचानक पैसे कट रहे हैं। जबकि मैंने किसी को अपना पासवर्ड या ओटीपी या सीवी भी शेयर नहीं किया है। जांच करने के बाद पता चला कि रमेश कुमार जी के फोन में उन्होंने जो फोटो डाउनलोड किया था उसके माध्यम से स्टेग्नोग्राफी के जरिए साइबर अपराधियों ने उनके फोन से वह पैसे निकाल लिए हैं। और इस स्कैम की वजह से लगभग ₹ लाख का उनका नुकसान हो चुका है और साथ में उन्हें बहुत सारा मानसिक तनाव और परेशानी का सामना भी करना पड़ा। उन्हें बैंक और पुलिस के चक्कर लगाने पड़े और अपनी मेहनत की कमाई वापस लाने के लिए बहुत सारा संघर्ष करना पड़ा। तो आखिर क्या है यह स्टेग्नोग्राफी? और आप इससे कैसे बच सकते हैं? तो देखो स्टेनोग्राफी एक ऐसी तकनीक है जिसका उपयोग करके हम किसी भी फाइल और मैसेज के अंदर कोई दूसरी फाइल और मैसेज छिपा सकते हैं। इसका उद्देश्य होता है कि हम किसी फाइल और फोल्डर को अगर किसी व्यक्ति को भेज रहे हैं तो देखने में वो किसी दूसरी फाइल की तरह दिखाई देगा जबकि कुछ और ही उसके अंदर डाउनलोड करके जा रहा होगा। हो सकता है इस मैसेज के अंदर आपको एक तस्वीर दिखाई दे लेकिन अंदर कोई टेक्स्ट मैसेज छिपा हो सकता है। हो सकता है आपको कोई ऑडियो फाइल दिखाई दे लेकिन उसके अंदर कुछ और डाटा या एप्लीकेशन छिपी हो सकती है। हो सकता है आपको कोई वीडियो फाइल दिखाई दे लेकिन उसके अंदर कोई सॉफ्टवेयर छिपा हो सकता है। देखने में यह बिल्कुल सामान्य वीडियो फाइल की तरह ही दिखाई देगी। लेकिन इसके अंदर कुछ और फाइल ही निकलेगी। इसका जो उपयोग है वह गोपनीय जानकारियों को शेयर करने के लिए किया जाता है। सीधा मतलब है यहां जानकारी छिपाने के लिए बहुत सारे डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जाता है। जैसे इमेज, ऑडियो, वीडियो, टेक्स्ट और नेटवर्क प्रोटोकॉल। लेकिन अब अपराधी इस तकनीक का उपयोग कर रहे हैं स्कैम करने के लिए। वर्तमान में भारत में कई सारे मामले सामने आए हैं। जहां पे साइबर ठगों ने स्टग्नोग्राफी का उपयोग करके बहुत सारे लोगों को ठगा है। अप्रैल 2025 में भारत में WhatsApp स्कैम के नाम से एक बहुत बड़ा स्कैम चल रहा है। जहां पर लोगों को इस तरह के मैसेज भेजे जा रहे हैं अननोन नंबर से जहां पे एक मैसेज आता है जिसमें एक इमेज फाइल दिखाई देती है और जहां पे गुमशुदा का मैसेज होता है और उस फाइल को जैसे ही आप डाउनलोड करते हैं तो एक मेलवेयर आपके फोन में इंस्टॉल हो जाता है और जैसे ही यह मेलवेयर आपके फोन में इंस्टॉल हो जाता है वैसे ही आपके बैंकिंग क्रेडेंशियल यानी आपकी यूजर आईडी पासवर्ड आपका ओटीपी आपके सारे मैसेज जो भी आपके फोन पे आ रहे हैं आपके सारे चैट्स हैकर्स के हवाले हो जाती है और यहां तक कि वह आपके फोन को रिमोट एक्सेस भी कर सकते हैं। यानी सब कुछ उनके पास जाता है। चाहे आप कुछ भी कर रहे हो। आपके फोन का हर डाटा, हर चीज, आपकी इमेज फाइल, आपकी वीडियो फाइल और आपको पता भी नहीं चलता। और इसी तकनीक का इस्तेमाल करके मध्य प्रदेश के रहने वाले रमेश कुमार जी के साथ ₹ लाख का स्कैम हुआ। अब इससे बचा कैसे जा सकता है? जिन लोगों को इसकी जानकारी नहीं है, वह किस तरह से इससे अवेयर रह सकते हैं? सबसे पहली चीज़ अनजान नंबरों से आने वाले किसी भी फोटो को या वीडियो को डाउनलोड नहीं करना है। चाहे वहां पे कुछ भी लिखा हो। आमतौर पर हमारे यहां पे गुड मॉर्निंग, गुड नाइट के बहुत सारे मैसेज आते हैं। लेकिन आपको डाउनलोड नहीं करना है। तो जितने भी अनजान सोर्सेस से आने वाली फाइलें हैं उनको भी ओपन करके नहीं देखना है। जितने भी WhatsApp कॉल अननोन नंबर से आते हैं चाहे वो वीडियो कॉल हो, चाहे वो ऑडियो कॉल हो उनको उठाना ही नहीं है। ऐसे नंबरों को ब्लॉक कर देना है। अगर आपको कोई व्यक्ति कहता है कि आपको मैं एक इमेज फाइल भेज रहा हूं। इसमें आपका फोटो है या किसी और का फोटो है और यह अनजान नंबर से आती है तो आपको इसकी तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं देना है। लेकिन फिर भी अनजाने में अगर आपको पता ना चले और आपका फोन हैक हो जाए उस स्थिति में आपको क्या करना है? अगर आपको लगता है कि आपका फोन हैक हो गया है तो आपको तुरंत ही अपने फोन का जो डाटा है वो ऑफ कर देना है। आपको वाई-फाई कनेक्शन बंद कर देना है। क्योंकि किसी भी परिस्थिति में जो हैकर्स हैं आपके डाटा का इस्तेमाल करके ही आपके फोन की रिमोट एक्सेस ले पाते हैं और जब आप वाई-फाई या डाटा बंद कर देंगे तो हैकर्स आपके डिवाइस तक पहुंच ही नहीं पाएंगे। चाहे वो कितनी भी कोशिश कर लें इंटरनेट के माध्यम से ही वो आपके फोन तक पहुंच सकते हैं। इसके बाद आपको अगर फोन में लग रहा है कि पहले मेरा फोन कुछ अलग तरह से चलता था। कुछ एड्स ज्यादा आ रहे हैं या मेरी बैटरी बहुत जल्दी ड्रेन हो रही है या कुछ अलग तरह के जो मैसेज है मेरे फोन में आ रहे हैं या कोई ऐसी एप्लीकेशन है जिसे मैंने डाउनलोड ही नहीं किया है और वो मेरे फोन में इंस्टॉल हो गई है तो आपको उन पर तुरंत से ध्यान देना है और उस एप्लीकेशन को तुरंत ही अनइंस्टॉल कर देना है। इसके साथ ही अगर आपको लगता है कि हैकर्स आपके संवेदनशील डाटा तक अभी तक नहीं पहुंच पाए हैं तो आपको अपनी सारी फाइलों का चाहे वह वीडियो हो, फोटो हो, चाहे आपके कांटेक्ट नंबर हो उनका बैकअप ले लेना है। और बैकअप लेने के बाद में आपको अपना जो फोन है वह फैक्ट्री रिसेट कर देना है। अपने सारे अकाउंट्स के जो पासवर्ड हैं उनको चेंज कर लेना है। चाहे आपका Google अकाउंट हो, चाहे आपका Facebook अकाउंट हो, चाहे आपके सोशल मीडिया के अन्य अकाउंट हो, चाहे आपका नेट बैंकिंग वगैरह यह सारी चीजें हो। अपने फोन के अंदर टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन आपको ऑन कर लेना है। जहां पर जब भी कोई व्यक्ति आपके अकाउंट से कोई भी ट्रांजैक्शन करेगा तो उसका एक मैसेज आपके फोन पर आएगा। तो इससे एक एक्स्ट्रा जो सिक्योरिटी लेयर है वो ऐड हो जाती है। किसी भी संदिग्ध एप्लीकेशन को अपने फोन में इंस्टॉल नहीं करना है। कोई भी कहता है आपको फोन के माध्यम से कहता है या WhatsApp के माध्यम से कहता है तो ऐसी कोई भी एप्लीकेशन आपको इंस्टॉल नहीं करनी है। अगर आपको लगता है कोई एप्लीकेशन इस तरह की इंस्टॉल हो गई है तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल कर देना है। इन परिस्थितियों के अंदर आप किसी भी अच्छे एंटीवायरस या अच्छे मेलवेयर एप्लीकेशन से अपने पूरे फोन को स्कैन कर सकते हैं। तो यह जो एप्लीकेशन बता देती हैं किस एप्लीकेशन के अंदर इस तरह के खतरे रहते हैं उनको देखकर उनको अनइंस्टॉल कर देना है। लास्ट में आप अपने फोन को फैक्ट्री रिसेट कर सकते हैं। अगर आपको लगता है आपका फोन हैक हो गया है और एंटीवायरस के स्कैन करने से भी कुछ नहीं हो रहा है तो फैक्ट्री रिसेट करना ही एक अच्छा ऑप्शन है। इससे सारे जो मैलवेयर एप्लीकेशनेशंस हैं, सब कुछ है वह आपके फोन से हट जाएगा। सारा डाटा इरेज हो जाएगा और आपका फोन बिल्कुल नए जैसा हो जाएगा। इसके अलावा अगर आपको लगता है कि आपका फोन हैक हो गया है, आपके अकाउंट से पैसे कट गए हैं और आपको वित्तीय नुकसान हुआ है और आपकी जो व्यक्तिगत जानकारियां हैं, जैसे आपका फोटो है, वीडियोस हैं, यह भी किसी हैकर्स ने ले लिए हैं, तो आपको तुरंत साइबर क्राइम सेल में इसकी शिकायत दर्ज करानी है। उसकी एफआईआर दर्ज करानी है। बैंक से कांटेक्ट करना है। अपने अकाउंट्स को फ्रीज करा देना है ताकि कोई भी व्यक्ति आपके अकाउंट से पैसे ना निकाल पाए। तो अंत में बस इतना ही कहना चाहूंगा कि आजकल के जो साइबर ठग हैं वो नए-नए तरीके खोज रहे हैं आपको ठगने के लिए और बस आपको सतर्क रहना है। आपको जो टेक्निकल इंफॉर्मेशन है वो आपको हमेशा लेती रहनी है। नई चीजों के लिए अपडेट रहना है ताकि आप इस तरह की साइबर ठगी से बच सकें और अगर यह जो जानकारी है आपको अच्छी लगी हो तो चैनल सब्सक्राइब कर लेना। मैं हमेशा इसी तरह की जो जानकारियां हैं वो आपके लिए लेकर आता रहता हूं। मैं मिलता हूं आपसे अगले वीडियो में। में तब तक के लिए जय हिंद, वंदे मातरम।