Cyber Law (India)

What is cyber crime? | Types of Cybercrime | How to Prevent Cybercrime | Cyber Crime #cybersecurity

lets understand stop cramming

Summary

इस वीडियो में साइबर क्राइम की परिभाषा, प्रकार, और बचाव के तरीके पर विस्तार से चर्चा की गई है। साइबर क्राइम का मतलब है कोई भी अवैध गतिविधि जो कंप्यूटर, इंटरनेट या अन्य डिजिटल तकनीकों का उपयोग करके की जाती है। इसमें शामिल हैं फिशिंग, जहां अपराधी फर्जी ईमेल भेजकर लोगों से निजी जानकारी चुराते हैं। अन्य प्रकार में पहचान की चोरी, जिसमें अपराधी किसी की पहचान का दुरुपयोग करते हैं, और DDoS अटैक, जहां सिस्टम को असामान्य रूप से भीड़भाड़ में ले जाकर उसे निष्क्रिय किया जाता है। वीडियो में बताया गया है कि साइबर क्राइम के प्रति जागरूक रहना और सुरक्षा उपायों का पालन करना महत्वपूर्ण है जैसे कि मजबूत पासवर्ड का निर्माण और संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक न करना। हाल के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर दिन लगभग 7000 साइबर क्राइम रिपोर्ट होते हैं, जिस पर ध्यान देना अति आवश्यक है।

Transcript
एन वेलकम बैक टू माय चैनल इस वीडियो में हम लोग डिस्कस करने वाले हैं साइबर क्राइम के बारे में जो कि साइबर सिक्योरिटी का बहुत इंपॉर्टेंट टॉपिक है तो सबसे पहले साइबर क्राइम का मीनिंग समझते हैं देखो साइबर क्राइम ये जो टर्म है ये दो टर्म के कॉमिनेशन से बनी है साइबर एंड क्राइम साइबर का मतलब क्या होता है कंप्यूटर कंप्यूटर नेटवर्क या फिर इंटरनेट से जुड़ी हुई चीजें जैसे कि ईमेल इंटरनेट वगैरह की हेल्प से यूज होती हैं वो सारी की सारी चीजें साइबर होती हैं क्राइम कोई भी एक्टिविटी जो कि कानून की नजरों में गलत है इलीगल है जिससे किसी भी पर्सन ऑर्गेनाइजेशन या फिर गवर्नमेंट को हार्म होता है वो क्राइम होती है तो साइबर क्राइम का मतलब क्या हो गया कोई भी क्राइम जिसमें साइबर इवॉल्व होता है मतलब कि कंप्यूटर इंटरनेट या फिर इससे जुड़ी हुई टेक्नोलॉजी जैसे कि ईमेल दैट इज साइबर क्राइम साइबर क्राइम कैन बी डिफाइंड एज एनी इलीगल एक्टिविटी दैट हार्म्स इंडिविजुअल ऑर्गेनाइजेशन और गवर्नमेंट एंड इज कैरिड आउट यूजिंग कंप्यूटर्स द इंटरनेट और एनी डिजिटल टेक्नोलॉजी साइबर क्राइम क्या होता है कोई भी इलीगल एक्टिविटी जिससे किसी पर्सन ऑर्गेनाइजेशन या फिर गवर्नमेंट को हार्म होता है एंड यह एक्टिविटी कंप्यूटर इंटरनेट या फिर किसी भी टेक्नोलॉजी की हेल्प से होती है ऑनलाइन टेक्नोलॉजी जैसे कि आपके ईमेल य ऑनलाइन गेम्स ऑनलाइन बैंकिंग दैट इज अ साइबर क्राइम मतलब कि डिजिटल टेक्नोलॉजी कंप्यूटर इंटरनेट वगैरह की हेल्प से कोई भी क्राइम होता है उसे हम साइबर क्राइम बोलते हैं साइबर क्राइम में बहुत सारे टाइप के क्राइम्स इंक्लूड होते हैं जैसे कि स्टीलिंग मनी ऑनलाइन लाइक किसी के बैंक अकाउंट को हैक करके उससे पैसे निकाल लेना दैट इज साइबर क्राइम हैरेसिंग पीपल ऑन सोशल मीडिया ग पे youtube0 थ्रू फेक वेबसाइट्स फेक वेबसाइट्स बना के फ्रॉड करना इज साइबर क्राइम लाइक फेक भी ऐसा क्राइम जिसमें कहीं पर भी कंप्यूटर इंटरनेट या फिर किसी ऑनलाइन टेक्नोलॉजी का यूज हुआ है दैट इज अ साइबर क्राइम जैसे-जैसे हमारी लाइफ में कंप्यूटर्स का इंटरनेट का और डिजिटल टेक्नोलॉजीज का यूज बढ़ता जा रहा है वैसे-वैसे साइबर क्राइम भी बढ़ते जा रहे हैं रिसेंट रिपोर्ट्स के अकॉर्डिंग जो है 2024 में यानी कि लास्ट ईयर इंडिया के अंदर डेली बेसिस पे 7000 साइबर क्राइम्स रिपोर्ट हुए हैं मतलब कि आप सोच सकते हो एक दिन में 7000 साइबर क्राइम्स अब हम डिस्कस करेंगे साइबर क्राइम के टाइप्स को देखो साइबर क्राइम के बहुत सारे टाइप्स होते हैं कोई भी ऐसा स्टैंडर्ड इसका आंसर नहीं है जो भी आपका टीचर आपको बोल रहे है जो भी आपको बुस में मिल रहे हैं वह सारे के सारे आप डिस्कस कर सकते हो यहां पर मैंने कुछ डिस्कस किए हैं सबसे पहले हम लोग डिस्कस करते हैं फिशिंग को देखो फिशिंग में क्या होता है इसमें साइबर क्रिमिनल्स लोगों को फेक मेेल मैसेजेस वगैरह सेंड करते हैं और इसमें वह ऐसा प्रिटेंड करते हैं कि वह किसी ऑर्गेनाइजेशन से हैं किसी बैंक से हैं या फिर गवर्नमेंट ऑफिस या फिर किसी कंपनी से है इसका पर्पस होता है लोगों की पर्सनल डिटेल्स चुराना लोगों की बैंक इंफॉर्मेशन चुराना उनके पासवर्ड्स वगैरह चुनाना लोगों को ट्रिक करके किसी फेक लिंक पे क्लिक करने के लिए देखो इसमें होता क्या है इसमें साइबर क्रिमिनल्स इस तरह से मैसेज डिजाइन करते हैं इस तरह से मेल्स डिजाइन करते हैं कि लोगों को लगे कि वो तो उनके बैंक से या फिर किसी गवर्नमेंट ऑफिस से है या फिर किसी कंपनी से है यह जो मैसेज होते हैं वोह अर्जेंसी क्रिएट करते हैं लाइक कि इमीडिएट यह काम करना ही करना पड़ेगा नहीं तो पता नहीं क्या हो जाएगा जैसे कि मैसेज में लिखा होता है यर अकाउंट विल बी ब्लॉक्ड आपका अकाउंट ब्लॉक कर दिया जाएगा आपकी लॉटरी लग गई है ठीक है इस तरह के मैसेज होते हैं जिससे कि लोगों को लगता है कि यह काम तो जल्दी से जल्दी करना पड़ेगा जब लोग इस मैसेज के ऊपर बिलीव कर लेते हैं तो तो वो फंस जाते हैं इस मैसेज में लिखा होता है कि इस लिंक के पर क्लिक करो ठीक है फिर लोग उस लिंक के पर क्लिक कर देते हैं जब वो उस लिंक प क्लिक करते हैं तो वो किसी फेक वेबसाइट पे पहुंच जाते हैं उस फेक वेबसाइट पे उन लोगों से उनकी डिटेल्स मांगी जाती है लाइक उनका नाम उनका मोबाइल नंबर उनकी बैंक से रिलेटेड डिटेल उनके आधार कार्ड से रिलेटेड डिटेल वगैरह ये सारी चीजें उनसे पूछी जाते हैं और लोग जब उस ड्रिल को फिल कर देते हैं तो वो सारी की सारी जो इंफॉर्मेशन है उनकी वो किसको मिलती है इन क्रिमिनल्स को मिलती है जिसने वह मैसेज और वह वेबसाइट डिजाइन करी है ठीक है अब यह इंफॉर्मेशन जो है वह उन क्रिमिनल्स को मिल गई तो वो उस इंफॉर्मेशन का मिसयूज करते हैं उस इंफॉर्मेशन का यूज करके वह कुछ भी कर सकते हैं लाइक उस पर्सन के नाम पर लोन ले सकते हैं उस पर्सन के बैंक अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं ठीक है लाइक एक पर्सन है उसको एक मैसेज आया है कांग्रेचुलेशन यू ंट र 10 लाख ठीक है और क्लिक हेयर टू क्लेम अब वो पर्सन है उस मैसेज के ऊपर ट्रस्ट कर लेता है वह उसके अकॉर्डिंग जो है उस लिंक पे क्लिक कर देता है जब वोह उस लिंक प क्लिक करता है तो उससे बोला जाता है कि अपनी बैंक डिटेल्स डालो वो पर्सन अपनी सारी बैंक डिटेल्स डाल देता है अब यह बैंक डिटेल किसको मिल गई है मैसेज भेजने वाले को यानी कि क्रिमिनल को अब वो क्रिमिनल इन बैक डिटेल्स का यूज करके उस पर्सन के अकाउंट से पैसे चुरा लेता है दैट इज फिशिंग यानी कि लोगों को फंसाना फेक मेल्स और मैसेजेस के थ्रू नाउ सलामी अटैक देखो सलामी अटैक में क्या होता है इसमें साइबर क्रिमिनल्स जो होते हैं वो एक इस टाइप का सिस्टम बना लेते हैं जिससे कि बहुत सारे लोगों के अकाउंट से थोड़ा-थोड़ा करके पैसा उनके अकाउंट में जाता रहता है ठीक है और यह जो पैसा होता है इतना थोड़ा होता है इतना थोड़ा होता है कि कोई उस परे नोटिस ही नहीं करता लेकिन क्योंकि यह पैसा बहुत सारे लोगों के अकाउंट से आ रहा होता है एंड ऐसा नहीं कि एक ही बार आ रहा है वो टाइम टू टाइम आता रहता है तो इस तरह से एक बहुत बड़ी अकाउंट जो है वो इकट्ठा हो जाती है क्रिमिनल के अकाउंट में या फिर हैकर के अकाउंट में इसे बोलते हैं सलामी अटैक लाइक एक बैंक एंप्लॉई है ठीक है वो एक ऐसा सिस्टम सेट कर देता है जिससे कि हर कस्टमर के अकाउंट से डेली बेसिस पे 10 पैसे डिडक्ट होंगे और उसके अकाउंट में ट्रांसफर होंगे 10 पैसे यानी कि ₹ से भी कम अमाउंट जो है वो एंप्लॉई के अकाउंट प ट्रांसफर होगी अब क्योंकि जो अमाउंट है बहुत ज्यादा छोटी है तो कोई नोटिस भी नहीं करेगा कोई कंप्लेंट भी नहीं करेगा एंड धीरे-धीरे इस एंप्लॉई के अकाउंट में लाखों करोड़ों रुपए इकट्ठा हो जाएंगे सो दैट इज सलामी अटैक नाउ आइडेंटिटी थेफ्ट आइडेंटिटी थेफ्ट में क्या होता है इसमें साइबर क्रिमिनल किसी की आइडेंटिटी चुराते हैं देखो जैसे हमारी रियल वर्ल्ड में आइडेंटिटी होती है वैसे ही हमारी ऑनलाइन वर्ल्ड में भी आइडेंटिटी होती है जैसे कि आपकी ईमेल आईडी है आपका आपकी आइडेंटिटी होती है ऑनलाइन वर्ल्ड में उस चीज को यूज करने के लिए तो अगर आपकी यह जो आईडी है या फिर यह जो इंफॉर्मेशन है वह चुरा ली जाए तो उसे भी हम बोलेंगे आइडेंटिटी थेफ्ट आइडेंटिटी थेफ्ट में साइबर क्रिमिनल किसी पर्सन की पर्सनल इंफॉर्मेशन चुरा लेते हैं जैसे कि उसकी आईडी वगैरह चुरा लेना उसके आधार कार्ड से रिलेटेड डिटेल्स चुरा लेना उसकी बैंक डिटेल्स चुरा लेना पासवर्ड्स वगैरह चुरा लेना और उनका मिसयूज करते हैं आइडेंटिटी चुराने के पीछे का गोल होता है उस पर्सन के नाम पर जिसके नाम जिसकी आपने आइडेंटिटी चुराई है फ्रॉड करना गलत काम करना ठीक है और यह जो आइडेंटिटी चुराने का काम होता है यह जनरली फिशिंग के थ्रू होता है क्योंकि हमने पढ़ाया ना पीछे फिशिंग में कि फिशिंग में फेक लिंक्स वगैरह के थ्रू उस पर्सन की इंफॉर्मेशन चुराई जाती है यानी कि उस पर्सन की आइडेंटिटी चुराई जाती है जब किसी भी पर्सन की आइडेंटिटी चुरा ली जाती है तो उस पर्सन के नाम पे जो साइबर क्रिमिनल है वो कुछ भी कर सकता है फॉर एग्जांपल एक पर्सन है उस पर्सन के पास एक कॉल आया किसी की ओर से ठीक है और वह ऐसे प्रिटेंड कर रहा था कि वह उस पर्सन के बैंक से है उस कॉलर ने उससे बोला कि आप अपना ओटीपी दो हमें आपकी अकाउंट डिटेल्स वेरीफाई करनी है पर्सन ने ओटीपी शेयर कर दिया अब जैसे ही उस पर्सन ने ओटीपी शेयर किया तो उसके अकाउंट से सारा पैसा खाली हो गया बिकॉज जैसे ही ओटीपी उसने शेयर किया तो जो भी उसकी बैंक डिटेल्स थी जो भी उसकी बैंक में इंफॉर्मेशन थी उसकी आइडेंटिटी से रिलेटेड वो सारी की सारी चीजें किसको पता चल गई है साइबर क्रिमिनल को पता चल गई है एंड उसका उसने यूज कर लिया है अब हम डिस्कस करते हैं डीओएस अटैक देखो डीओएस अटैक लोगों को बहुत मुश्किल लगता है स्टूडेंट्स को बहुत कॉम्प्लिकेटेड लगता है तो मैं आपको एकदम इजी लैंग्वेज में इसको एक्सप्लेन करती हूं एक रियल लाइफ एग्जांपल हम लोग लेते हैं मान लो एक रेस्टोरेंट है ठीक है उस रेस्टोरेंट में एक बार में सिर्फ 30 लोग बैठ के खाना खा सकते हैं यानी कि 30 लोगों का सिटिंग अरेंजमेंट उस रेस्टोरेंट में अब उस रेस्टोरेंट का एक दुश्मन है और वोह दुश्मन एक स्ट्रेटेजी बनाता है वो वहां पर एक साथ 50 लोगों को भेज देता है वो 50 लोग वहां पर बैठ जाते हैं कुछ ऑर्डर वर्डर नहीं करते बस बैठ जाते हैं अब क्या होगा वो रेस्टोरेंट ठीक से काम नहीं कर पाएगा जो रियल कस्टमर है उसके वो वहां पर नहीं आ पाएंगे वो वहां पे खाना नहीं खा पाएंगे ठीक है मतलब कि वो रेस्टोरेंट डिनायर देगा उन सबको सर्व करने के लिए बिकॉज वहां पे ऑलरेडी 50 फेक लोग बैठे हुए हैं दैट इज डिनायल ऑफ सर्विस अटैक इन रियल वर्ल्ड तो ऑनलाइन वर्ल्ड में कैसे होता है ऑनलाइन वर्ल्ड में डिनायल ऑफ सर्विस अटैक क्या होता है इसमें जो क्रिमिनल होते हैं फिर जो हैकर्स होते हैं वो किसी वेबसाइट पे इतनी ज्यादा फेक रिक्वेस्ट एक ही साथ भेज देते हैं कि वह वेबसाइट उनको हैंडल नहीं कर पाती है एंड स्लो हो जाती है देखो जैसे रेस्टोरेंट की अपनी कैपेसिटी होती है वैसे जो हमारी वेबसाइट्स होती हैं जो उनके सर्वर्स होते हैं उनकी भी कैपेसिटी होती है कि वो एक टाइम पर कितनी रिक्वेस्ट को हैंडल कर सकते हैं अगर वो रिक्वेस्ट उनकी कैपेसिटी से बाहर हो जाती है तो या तो सर्वर क्रैश हो जाएगा या फिर बहुत ज्यादा स्लो काम करना स्टार्ट कर देगा लाइक आपने देखा भी होगा कि जब हम रिजल्ट्स वगैरह आते हैं तो जब बहुत सारे स्टूडेंट्स एक साथ रिजल्ट चेक कर रहे होते हैं तो हमारा रिजल्ट शो नहीं होता है या फिर बहुत ज्यादा लंबे टाइम के बाद रिजल्ट शो होता है तो अगर यह काम जानबूझ के किया जाए जानबूझ के किसी वेबसाइट पर बहुत सारी फेक रिक्वेस्ट भेज दी जाए ताकि व वेबसाइट स्लो हो जाए और क्रैश हो जाए दैट इज डिनायल ऑफ सर्विस अटैक इसका पर्पस होता है किसी भी अ ऑर्गेनाइजेशन की सर्विसेस को डिसर पट करना ताकि रियल जो यूजर्स हैं उसके वो उसको एक्सेस ना कर पाए देखो डिनायल ऑफ सर्विस अटैक में जो अटैकर होता है व ओनली एक ही सिस्टम या फिर एक ही नेटवर्क का यूज करता है जो कि उसको डीडीओएस अटैक से डिफरेंशिएबल डिस्ट्रीब्यूटर डिनायल ऑफ सर्विस अटैक तो आपको पहले ही बता देती हूं दोनों में सेम ही काम होता है सिर्फ इतना सा ही फर्क होता है कि इस वाले अटैक में ओनली एक ही कंप्यूटर एक ही सिस्टम नेटवर्क का यूज हो रहा है और दूसरे वाले टैक में बहुत सारे कंप्यूटर्स का यूज होगा वही सारा काम होएगा वही वेबसाइट को हैक किया जाएगा मल्टीपल रिक्वेस्ट भेजी जाएंगे उसको स्लो किया जाएगा फिर उसको क्रैश किया जाएगा फॉर एग्जांपल एक हैकर है उसने क्या किया उसने एक ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट पर जिसने एक बिग सेल अनाउंस करी है उसके ऊपर इतनी सारी फेक रिक्वेस्ट भेज दी एक ही टाइम पे कि वोह वेबसाइट जो है वो स्लो हो गई अब जो रियल उसके कस्टमर्स हैं जिनको एक्चुअल में उस सेल का बेनिफिट लेना था वो उसको एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं दैट इज डिनायल ऑफ सर्विस अटैक डिस्ट्रीब्यूटर डिनायल ऑफ सर्विस अटैक पहले भी मैं आपको बता चुकी हूं सेम डीओएस अटैक वाला मैकेनिज्म होता है फर्क सिर्फ इतना है कि डीओएस अटैक में ओनली एक ही कंप्यूटर या फिर एक ही कंप्यूटर नेटवर्क की हेल्प से रिक्वेस्ट भेजी जाती हैं लेकिन यहां पे बहुत सारे कंप्यूटर बहुत सारे नेटवर्क्स की हेल्प से जो है रिक्वेस्ट भेजी जाती है फेक किसी वेबसाइट पे ताकि वो क्रैश हो जाए देखो डिस्ट्रीब्यूटर डिनायल ऑफ सर्विस अटैक में जो डैमेज होता है वो बहुत ज्यादा सीवियर होता है सीवियर क्यों होता है बिकॉज़ यहां पे बहुत सारे कंप्यूटर्स की हेल्प से ज्यादा रिक्वेस्ट भेजी जाती है इतनी ज्यादा रिक्वेस्ट भेजी जाती हैं कि वह जो सर्वर है वह क्रैश ही हो जाता है इसमें टर्म आती है बोनेट कई बार टू मार्क्स का क्वेश्चन आ जाता है कि बोनेट क्या होता है बहुत सारे इफेक्टेड कंप्यूटर्स के कलेक्शन को हम बोट नेट बोलते हैं यानी कि बहुत सारे ऐसे डिवाइसेसपोर्ट कर लेता है बहुत सारे डिवाइस को हैक कर लेता है ए एंड इस तरह से एक सिस्टम डिजाइन हो जाता है कि उसकी एक कमांड पर यह सारी की सारी चीजें काम करेंगी यानी कि उसकी एक कमांड पर यह सारे के सारे कंप्यूटर्स के थ्रू मल्टीपल रिक्वेस्ट एक वेबसाइट के ऊपर जाएंगी एंड वो वेबसाइट क्रैश हो जाएगी एंड जब रियल यूजर उस वेबसाइट के ऊपर काम करना चाहेंगे उस परे कोई भी रिक्वेस्ट डालेंगे तो वह वेबसाइट रेस्पों नहीं कर पाएगी फॉर एग्जांपल एक हैकर है उसने बहुत सारे कंप्यूटर्स को इफेक्ट कर दिया किसी वायरस से ठीक है अब वो उस सिस्टम को यूज कर रहा है उन कंप्यूटर्स को यूज कर रहा है एक गवर्नमेंट की वेबसाइट के ऊपर बहुत ज्यादा अमाउंट में ट्रैफिक सेंड करने के लिए यानी कि रिक्वेस्ट करने के लिए जिससे कि वह साइट क्रैश हो जाती है एंड जो रियल लोग हैं जिनको एक्चुअल में इस इंपोर्टेंट सर्विस की रिक्वायरमेंट थी गवर्नमेंट की वो उसको एक्सेस नहीं कर पाते हैं नाउ साइबर स्टॉकिंग देखो स्टॉकिंग का मतलब हम रियल लाइफ में जानते ही हैं कि किसी को बेवजह फॉलो करना उसकी एक्टिविटीज पर नजर रखना ऐसे ही होता है साइबर स्ट्रोकिंग स्टॉकिंग में क्या होता है जब कोई पर्सन किसी को रिपीटेडली फॉलो करता है थ्रेटें करता है इंटरनेट की यूज करके लाइक किसी के सोशल मीडिया एक्टिविटीज के ऊपर नजर रखना कि वह पर्सन को थ्रेट कर रहा है उसको धमकी दे रहा है उसको हरस कर रहा है दैट इज रोंग साइबर क्राइम का मतलब क्या होता है सॉरी साइबर स्ट्रोकिंग में क्या होता है कोई भी पर्सन ऐसे किसी को फॉलो करके किसी के एक्टिविटीज पर नजर रख के उस पर्सन के लिए इमोशनल डिस्ट्रेस कॉज कर सकता है या फिर उस पर्सन को अनवांटेड मैसेज वगैरह भी सेंड कर सकता है ये जो स्टोकर होते हैं यह जनरली जो है उस पर्सन को पर्सनली हार्म करना चाहते हैं इनका मेनली कोई फाइनेंशियल मोटिव वगैरह नहीं होता है यह जस्ट उस पर्सन को पर्सनली हार्म करना चाहते हैं उसको इमोशनली वीक करना चाह रहे होते हैं ताकि वह पर्सन अनसेफ फील करे और डरे उनसे लाइक एक गर्ल है उसने किसी अननोन पर्सन का नंबर अकाउंट सब कुछ ब्लॉक कर दिया है वो उस पर्सन से नहीं बात करना चाहती है ठीक है सोशल मीडिया पे अब वो जो पर्सन है वो कंटीन्यूअसली नए-नए अकाउंट्स क्रिएट करके उस लड़की को मैसेजेस भेज रहा है उसकी जो भी जो भी उस लड़की की एक्टिविटीज हैं करने के लिए उसे इंसल्ट ंग मैसेजेस सेंड करना लाइक तुम कुछ भी नहीं कर सकते तुम एकदम गवार हो तुम बेवकूफ हो मैं तुम्हारा यह कर दूंगा वो कर दूं इस तरह से कोई भी धमकी भरे किसी भी टाइप के मैसेज जिससे किसी पर्सन की मेंटल हेल्थ हार्म हो सकती है ऐसे मैसेजेस शेयर करना इन साइबर बुलिंग फॉर एग्जांपल एक स्टूडेंट है उसने अपनी कोई वीडियो पोस्ट करी है एंड बहुत सारे लोग उस वीडियो के ऊपर कमेंट कर रहे हैं क्रुवल कमेंट कर रहे हैं और उसके रिगार्डिंग जो है रमर स्प्रेड कर रहे हैं कि यह जो स्टू टूडेंट है यह बहुत बुरा है यह क्या वीडियो बनाई है तुम कुछ नहीं कर सकते तुम तो लाइफ में अनसक्सेसफुल ही होगे जिससे कि वह पर्सन वह स्टूडेंट वो जो ज्यादा डिप्रेस्ड फील करे और डर जाए दैट इज साइबर बुलिंग रसम वेयर अटैक रसम वेयर अटैक बहुत इंपोर्टेंट क्वेश्चन आता है एग्जाम में रसम वेयर अटैक में क्या होता है इसमें जो हैकर होता है वो किसी भी कंपनी की या फिर किसी भी पर्सन की इंपोर्टेंट फाइल्स वगैरह को लॉक कर देता है ठीक है और उस पर्सन से पैसे मांगता है फिरती मांगता है उन फाइल्स को ओपन करने के लिए उन फाइल की एक्सेस दोबारा पाने के लिए देखो रसम वेयर अटैक मैं आपको डिटेल में बताती हूं इसमें जो हैकर होता है वह एक रसम वेयर नाम का वायरस होता है उस वायरस के थ्रू जो है किसी पर्सन के कंप्यूटर को इफेक्ट कर देता है अब इससे क्या होता है कि उस पर्सन की जो भी इंपॉर्टेंट डिटेल्स हैं जो भी इंपोर्टेंट फाइल्स वगैरह हैं उस कंप्यूटर के अंदर वह सारे की सारी लॉक हो जाती है ठीक है और उन सबकी एक्सेस सिर्फ सिर्फ हैकर के पास होती है अगर हैकर चाहे तो वह एक्सेस जो है उस पर्सन को मिलेगी जिसका कंप्यूटर है ठीक है अब हैकर जो है वह मैसेज भेजता है उस कंप्यूटर पे कि अगर तुम्हें अपनी फाइल्स की एक्सेस चाहिए है तो इतनी अमाउंट ट्रांसफर कर दो ठीक है मतलब कि इतनी फिरो दे दो यह होता है रसम वेयर अटैक अब जब वह पर्सन वो रसम पे करेगा तब वह उस पर्सन की अपनी फाइल्स को एक्सेस कर पाएगा फॉर एग्जांपल एक पर्सन है वह एक ईमेल अटैचमेंट ओपन करता है और जैसे ही व ईमेल अटैचमेंट ओपन करता है उसमें वायरस होता है रसम वेयर वो वायरस उसके कंप्यूटर को इफेक्ट कर देता है और उसकी जो भी इंपोर्टेंट फाइल्स वगैरह हैं वो सारी की सारी लॉक हो जाती हैं फिर उसके कंप्यूटर पे एक मैसेज आता है पे र 10000 टू अनलॉक योर फाइल्स अब वह पर्सन को ₹1000000 पे करने पड़ेंगे एंड उसके बाद उसकी फाइल्स की एक्सेस उसको मिलेगी नहीं तो वह फाइल लॉक कर दी गई है हैकर के द्वारा रसम वेयर वायरस के थ्रू नाउ हैकिंग हैकिंग में क्या होता है जब कोई किसी के कंप्यूटर्स या फिर किसी की भी अकाउंट या नेटवर्क को बिना उसकी परमिशन के एक्सेस करता है उसकी इंफॉर्मेशन चुराने के लिए कोई भी डैमेज करने के लिए या फिर उसके सिस्टम को कंट्रोल करने के लिए किसी भी पर्सनल या फिर फाइनेंशियल गेन के लिए दैट इज हैकिंग देखो हैकिंग में क्या होता है फॉर एग्जांपल रियल लाइफ से बात करते हैं लाइक आप अपने घर में अपने दरवाजे खिड़की वगैरह बंद करके लाइक प्रॉपर सिक्योरिटी के साथ सो रहे हो ठीक है एंड आपके घर में अचानक से कोई बाहर से आ जाए आप उसे जानते भी नहीं हो ना ही आपने उसको परमिशन दी कि आप मेरे घर में आ सकते हो वो पर्सन आपके अंदर घर के अंदर आ जाता है गेट वेट खोल के और आपकी चीजें यूज कर रहा है मजे से दैट इज हैकिंग यानी कि जब कोई आपकी कंप्यूटर की या फिर आपके अकाउंट की सिक्योरिटी को तोड़ के आपके कंप्यूटर में एंटर कर लेता है या फिर आपके अकाउंट की एक्सेस ले लेता है दैट इज हैकिंग ताकि वह आपकी इंफॉर्मेशन चुरा सके आपको कोई भी हार्म कर सके आपके अकाउंट से पैसे चुरा सके या फिर कोई भी अपने पर्सनल फायदे के लिए वो ये काम करता है हैकर्स डिफरेंट डिफरेंट तरीकों का यूज कर सकते हैं लाइक फिशिंग का भी यूज कर सकते हैं वीक पासवर्ड्स का यूज कर सकते हैं लाइक कई बार जो मोस्टली पर्सन होते हैं जैसे कि अपने वाईफाई पासवर्ड को अपने मेल पासवर्ड को बहुत ज्यादा वीक रखते हैं जिसको इजली गेस किया जा सकता है तो यह है उस पासवर्ड को गेस कर लेते हैं इजली एंड आपकी आईडी आपका अकाउंट एक्सेस कर लेते हैं ये वायरेसेस का यूज भी कर सकते हैं ताकि वह किसी के भी कंप्यूटर के अंदर एंटर कर सके किसी के भी सिस्टम को एक्सेस कर सके फॉर एग्जांपल एक पर्सन है उसका सोशल मीडिया अकाउंट हैक हो जाता है ठीक है अब जो हैकर है वह उसके अकाउंट के थ्रू जो है अपना काम करता है यानी कि लाइक उसके फ्रेंड्स को फेक मैसेज वगैरह सेंड करता है कि भाई भाई मेरे को पैसे की जरूरत है प्लीज मेरे को पैसे ट्रांसफर कर दो उसके फ्रेंड सोचते हैं कि हमारा ये फ्रेंड है वो यह पैसे मांग रहा है तो वो उसको पैसे भेज देते हैं और वो पैसे कौन मांग रहा होता है हैकर मांग रहा होता है और हैकर अपने अकाउंट प पैसे मांग रहा होता है सो दिस इज हैकिंग इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी थप इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी थप बहुत इंपोर्टेंट साइबर क्राइम है इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी क्या होती है कोई भी ऐसी क्रिएटिव चीज जो कि इंसान के दिमाग से निकली है ठीक है वो इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी होती है लाइक किसी का कोई आईडिया है किसी मशीन बनाने के रिगार्डिंग दैट इज इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ठीक है लाइक जो आपका इवन जो हमारा लाइक जो मेरी वीडियोस है वो भी मेरी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी है ठीक है क्योंकि यह मेरा खुद के दिमाग से बना हुआ एक आईडिया है खुद के दिमाग की बनी हुई कोई क्रिएटिविटी है दैट इज माय इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी थट भी एक साइबर क्राइम होता है इसमें साइबर क्रिमिनल जो होते हैं किसी पर्सन के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी रेट्स को हार्म करते हैं एंड उसकी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज को चुरा लेते हैं काइंड ऑफ ठीक है लाइक फॉर एग्जांपल एक साइबर क्रिमिनल है व किसी के कॉपीराइटेड कंटेंट को चुरा लेता है लाइक जो हमारी मूवीज वगैरह होती हैं उनके ऊपर कॉपीराइट होता है जो भी उस जिसने भी वो मूवीज वगैरह बनाई है उस प्रोडक्शन हाउस का ठीक है अब उनकी मर्जी के बिना कोई उनको ऐसे नहीं देख सकता है ऑनलाइन भी तो अगर कोई इसको चुरा ले इस मूवी वगैरह को या फिर थिएटर में जैसे कि लोग उसकी क्लिप बना लेते हैं अगर कोई उसको स्प्रेड कर रहा है मतलब कि वह उस प्रोडक्शन हाउस के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट को हार्म कर रहा है एंड दैट इज साइबर क्राइम या फिर जो भी हमारे सॉफ्टवेयर्स होते हैं अगर कोई सॉफ्टवेयर ओनर की परमिशन के बिना बिना उस सॉफ्टवेयर का लाइसेंस लिए उसको गलत तरीके से डाउनलोड कर रहा है गलत तरीके यूज कर रहा है दैट इज साइबर क्राइम बिकॉज व सॉफ्टवेयर जो है वो सॉफ्टवेयर कंपनी की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी है जनरली जो ये इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी थपड है ये बहुत केसेस में होता है मेनली म्यूजिक वीडियोस में तो आप देखते ही देखते हो कि जो गाने हैं वो लीक हो जाते हैं दैट इज आल्सो इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी थपड क्योंकि जो ये सोंग्स होते हैं वो जो सिंगर है या फिर जो भी कंपनी है उसकी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी होते हैं एंड अगर कोई उनकी परमिशन के बिना इनको यूज कर रहा है इनको स्प्रेड कर रहा है दैट इज साइबर क्राइम फॉर एग्जांपल एक पर्सन है उसने कोई न्यूली रिलीजड मूवी है उसको फ्री में डाउनलोड कर लिया किसी वेबसाइट पर जबकि उसे उसकी लीगल कॉपी खरीदनी चाहिए थी दैट इज अ इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी थैफ दैट इज अ साइबर क्राइम बिकॉज यहां पे जो क्रिएटर का राइट है उसके साथ हार्म हो रहा है अब हम लोग डिस्कस करेंगे ऑनलाइन फ्रॉड के बारे में ऑनलाइन फ्रॉड तो आप बहुत अ इजली समझ सकते हो ऑनलाइन फ्रड में क्या होता है जो साइबर क्रिमिनल्स होते हैं वो इंटरनेट की हेल्प से लोगों से पैसे चुराते हैं एंड उनकी वैल्युएबल इंफॉर्मेशन को चुरा लेते हैं ठीक है इसमें वो मेनली धोखाधड़ी करते हैं लोगों के साथ फेक वेबसाइट के थ्रू जॉब ऑफर्स के थ्रू इन्वेस्टमेंट स्कैम्स वगैरह करते हैं लाइक कोई भी अ पर्सन है उसने अपना लोगों का ऑर्डर तो प्लेस हो जाता है पेमेंट भी उनके अकाउंट से आ जाती है बट वह प्रोडक्ट कभी भी उन्हें डिलीवर नहीं होते हैं क्योंकि यहां पे उस पर्सन को डिलीवर तो करने नहीं थे उस पर्सन को तो जस्ट जो है पैसे चाहिए थे धोखा देना था दैट इज ऑनलाइन फ्रॉड फॉर एग्जांपल एक पर्सन है उसने एक ब्यूटीफुल ड्रेस देखी ऑनलाइन ठीक है उसको बहुत अच्छी लगी बहुत कम प्राइस पे वो ड्रेस उसको मिल रही थी अब उस पर्सन ने उस ड्रेस का ऑर्डर कर दिया पेमेंट वगैरह कर दी लेकिन वह ड्रेस उसके पास नहीं आई दैट इज ऑनलाइन फ्रॉड वेज टू प्रिवेंट साइबर क्राइम क्या-क्या तरीके हैं जिससे साइबर क्राइम को रोका जा सकता है साइबर क्राइम से बचा जा सकता है सबसे पहला तरीका है स्ट्रांग पासवर्ड्स यूज करना हमेशा जो है अपने पासवर्ड्स में लेटर्स नंबर्स और सिंबल्स का यूज करना चाहिए उनको मिक्स करके पासवर्ड बनाना चाहिए जिसको इजली कैश नहीं किया जा सकता बहुत सारे लोग मेनली अपनी पर्सनल डिटेल लाइक अपना नाम अपनी बैक डेट वगैरह का यूज करते हैं जो बहुत कॉमन होती है जिसको साइबर क्रिमिनल इजली गैस कर सकते हैं यहां पे मैं आपको क्रिएटिव आईडिया अगर दूं तो देखो आप क्या कर सकते हो आप कोई भी रैंडम टर्म उठाओ अपने से रिलेटेड नहीं कोई भी रैंडम टर्म कोई भी मुश्किल सी टर्म ठीक है कोई भी वर्ड वगैरह उठा लो उस वर्ड को आप पासवर्ड बनाओ ठीक है इससे आपको एक तो याद भी रहेगा वो टर्म और अगर आपको याद नहीं है तो आप उसको सर्च कर सकते हो कोई भी वर्ड इनेबल टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन हमेशा हमेशा जो अपने अकाउंट पे एक्स्ट्रा लेर रखने चाहिए सिक्योरिटी की टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन के थ्रू यानी कि अगर कोई आपका पासवर्ड गैस भी कर ले पासवर्ड फिल भी कर ले तो भी वह सेकंड स्टेप पे आके फंस जाए और आपके अकाउंट का एक्सेस ना कर पाए अवॉइड क्लिक ऑन अननोन लिंक्स कभी भी अननोन लिंक्स वगैरह पे क्लिक नहीं करना चाहिए अगर आपके पास कोई भी मेल आया कोई भी फेक मैसेज आया है तो उसको रिप्लाई नहीं करना चाहिए उस लिंक पर उस मेल पर क्लिक ही नहीं करना चाहिए देखो कई बार क्या होता है हमारे पास लाइक हम उन चीजों को टच ही नहीं करना है बिल्कुल कीप सॉफ्टवेयर एंड एंटीवायरस अपडेटेड हमेशा अपने कंप्यूटर पर अपने लैपटॉप अपने फोन पे सॉफ्टवेयर वगैरह को अपडेट रखना है और हमेशा अपने एंटीवायरस को अपडेट करना है डू नॉट शेयर पर्सनल इंफॉर्मेशन ऑनलाइन कभी भी अपनी पर्सनल इंफॉर्मेशन ऑनलाइन शेर नहीं करनी है किसी को भी लाइक आपका मोबाइल नंबर आपका अकाउंट नंबर आपके पासवर्ड आपकी आधार डिटेल कभी भी शेयर नहीं करनी है शॉप ऑनली ऑन ट्रस्टेड वेबसाइट्स हमेशा ट्रस्टेड वेबसाइट्स के थ्रू ही शॉपिंग करनी है कोई भी ऐसे अपना पेज वगैरह बना के आपको प्रोडक्ट्स वगैरह के रिव्यू दे रहा है एंड बोल रहा है इस लिंक प क्लिक कर दो ऑर्डर कर दो मैं नहीं करना है ऐसा यह सारी चीजें फेक हो सकती हैं सिक्योर वाईफाई नेटवर्क आपका वाईफाई नेटवर्क हमेशा सिक्योर होना चाहिए उसका एक स्ट्रांग पासवर्ड होना चाहिए ताकि कोई भी उसको गेस ना कर पाए और उसको एक्सेस ना कर पाए लॉग आउट फ्रॉम पब्लिक डिवाइसेज करना ही ही नहीं चाहिए आपकी अपनी आईडी वगैरह उसमें लॉगइन करनी ही नहीं चाहिए एंड अगर इन केस करनी पड़ भी जाए तो हमेशा उससे लॉग आउट करके ही निकलना चाहिए ऐसा नहीं कि उसमें ही ओन आपकी आईडी आपने लॉगइन करके छोड़ दी रिपोर्ट सस्पिशंस कर रहा है तंग कर रहा है तो यह सारी चीजों की रिपोर्ट हमेशा करनी चाहिए उसके बाद जो हमारा साइबर डिपार्टमेंट है वह उसको हैंडल कर पाएगा कभी भी इन चीजों से डर के इनको छुपाना नहीं चाहिए सो थैंक यू ऑल थैंक यू फॉर वाचिंग माय वीडियो इफ यू लाइक द वीडियो डोंट फॉरगेट टू लाइक सब्सक्राइब एंड कमेंट ऑन माय चैनल इन द नेक्स्ट वीडियो वी विल डिस्कस अबाउट हैकिंग